Train Ticket Timing Changed – भारतीय रेलवे प्रशासन ने यात्री टिकट आरक्षण की प्रणाली में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है जो देशभर के करोड़ों यात्रियों की यात्रा योजना को प्रभावित करेगा। परंपरागत रूप से यात्री अपनी यात्रा से चार माह पूर्व टिकट आरक्षित करा सकते थे, किंतु अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। नवीन नियमानुसार यात्री अपनी यात्रा तिथि से केवल दो माह पहले ही आरक्षण करा सकेंगे। यह परिवर्तन नवंबर 2024 के प्रथम दिवस से प्रभावी हो चुका है और इसका उद्देश्य टिकटों के अवैध व्यापार पर नियंत्रण करना तथा वास्तविक यात्रियों को पुष्ट सीट मिलने की संभावना में वृद्धि करना है।
आंकड़ों से उजागर हुई समस्या की गंभीरता
रेल प्रशासन के विश्लेषण से पता चला है कि बड़ी संख्या में लोग बहुत पहले से टिकट आरक्षित करा लेते थे, परंतु बाद में वे या तो अपना आरक्षण रद्द कर देते थे या फिर यात्रा ही नहीं करते थे। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार लगभग इक्कीस प्रतिशत टिकट निरस्त किए जाते थे और करीब पांच प्रतिशत यात्री टिकट होने के बावजूद ट्रेन में सवार नहीं होते थे। इस स्थिति से रेल विभाग को वास्तविक मांग का सटीक आकलन करने में कठिनाई होती थी। अब साठ दिवस की सीमा निर्धारित होने से केवल वही व्यक्ति टिकट लेंगे जिन्हें वास्तव में यात्रा करनी है, जिससे प्रतीक्षा सूची की चुनौती में कमी आने की संभावना है।
अग्रिम आरक्षण अवधि में संशोधन का अर्थ
रेल मंत्रालय समय-समय पर विनियमों में आवश्यक परिवर्तन करता रहता है और यह निर्णय भी उसी श्रृंखला का अंग है। पूर्व आरक्षण काल को एक सौ बीस दिनों से घटाकर साठ दिन कर दिया गया है। इसका तात्पर्य यह नहीं है कि यात्रियों को असुविधा होगी, अपितु रेल प्रशासन का मानना है कि इससे टिकट प्रणाली अधिक प्रामाणिक और पारदर्शी बनेगी। त्योहारों और अवकाश के मौसम में अब यात्रियों को पूर्व से अधिक सजग रहना होगा, क्योंकि साठ दिवस की अवधि प्रारंभ होते ही टिकट शीघ्रता से समाप्त हो सकते हैं।
तत्काल टिकट आरक्षण में आधार सत्यापन अनिवार्य
जुलाई 2025 से तत्काल श्रेणी में टिकट बुक करने के लिए आधार पहचान पत्र का होना और उसका मोबाइल संख्या से जुड़ा होना आवश्यक होगा। बिना वन टाइम पासवर्ड के सत्यापन के तत्काल टिकट का आरक्षण संभव नहीं होगा, जिससे नकली पहचान पत्रों और स्वचालित सॉफ्टवेयर के उपयोग पर रोक लगेगी। यह कदम टिकट बुकिंग को अधिक सुरक्षित और वैध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे साधारण यात्रियों को तत्काल टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और अवैध व्यापारियों की गतिविधियां सीमित होंगी।
प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों पर कड़े प्रतिबंध
प्रतीक्षा टिकट धारकों के लिए नियम अब और अधिक कठोर कर दिए गए हैं। यदि किसी यात्री का टिकट प्रतीक्षा सूची में है, तो वह स्लीपर अथवा वातानुकूलित डिब्बे में प्रवेश ही नहीं कर सकेगा। ऐसा करने पर यात्रा निरीक्षक अधिकारी अगले स्टेशन पर उन्हें उतार सकते हैं और दंड भी लगा सकते हैं। इससे पुष्ट टिकट वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी और डिब्बों में अनावश्यक भीड़ नहीं होगी। यह नियम विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्राओं में आराम सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।
आरक्षण चार्ट तैयारी समय में प्रस्तावित बदलाव
रेल विभाग आरक्षण सूची तैयार करने के समय में भी संशोधन करने की योजना बना रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार ट्रेन के प्रस्थान से लगभग आठ घंटे पूर्व ही सूची तैयार कर दी जाएगी, जिससे यात्रियों को पहले ही जानकारी मिल सकेगी कि उनका टिकट पुष्ट हुआ है या नहीं। इससे अंतिम समय की चिंता और तनाव में काफी कमी आएगी। यात्री अपनी योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे और यदि टिकट पुष्ट नहीं होता है तो वैकल्पिक व्यवस्था कर सकेंगे।
तत्काल बुकिंग में एजेंटों पर प्रतिबंध
तत्काल टिकट आरक्षण में अधिकृत एजेंटों पर भी सख्ती लागू की गई है। बुकिंग प्रारंभ होने के प्रथम तीस मिनट तक अधिकृत एजेंट टिकट आरक्षित नहीं कर पाएंगे। इस अवधि में केवल सामान्य यात्रियों को अवसर मिलेगा, जिससे उनकी पुष्ट सीट प्राप्त करने की संभावना बढ़ेगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि कई बार एजेंट तकनीकी सुविधाओं का उपयोग करके बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और फिर उन्हें अधिक मूल्य पर बेचते थे।
किराया संरचना में मामूली वृद्धि
कुछ ट्रेनों के यात्रा शुल्क में भी सीमित वृद्धि की गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में प्रति किलोमीटर एक से दो पैसे का इजाफा किया गया है। रेल प्रशासन का कहना है कि इस राशि से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह वृद्धि सामान्य यात्रियों पर बहुत अधिक आर्थिक भार नहीं डालेगी, किंतु रेलवे को बेहतर रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधा
वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं के लिए निचली शय्या की प्राथमिकता को और अधिक मजबूत किया गया है। इससे उन्हें यात्रा के दौरान कम परेशानी होगी और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी। यह सामाजिक संवेदनशीलता दर्शाने वाला कदम है जो समाज के संवेदनशील वर्गों के प्रति रेल प्रशासन की जिम्मेदारी को दर्शाता है। इससे यात्रा के दौरान उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा सकेगा।
यात्रियों के लिए इन परिवर्तनों के लाभ
रेल विभाग का स्पष्ट मानना है कि साठ दिवस की बुकिंग सीमा से टिकटों के संग्रहण पर रोक लगेगी। पूर्व में अवैध व्यापारी चार माह पूर्व टिकट आरक्षित करा लेते थे और बाद में अधिक मूल्य पर बेचते थे। अब कम समयावधि होने से ऐसा करना कठिन हो जाएगा। साथ ही, प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों पर सख्ती से आरक्षित डिब्बों में अव्यवस्था कम होगी और पुष्ट टिकट धारकों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह परिवर्तन समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
यात्रा निरीक्षकों को दिए गए कड़े निर्देश
यात्रा जांच अधिकारियों को भी सख्त आदेश दिए गए हैं कि बिना पुष्ट टिकट वाले किसी भी व्यक्ति को स्लीपर या वातानुकूलित डिब्बे में रहने की अनुमति न दी जाए। इससे ट्रेन यात्रा का अनुभव उत्तम होने की आशा है। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और नियम उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। इस व्यवस्था से सभी यात्रियों को समान और न्यायसंगत व्यवहार मिलेगा तथा नियम पालन करने वालों को उनका उचित अधिकार प्राप्त होगा।
पुराने टिकटों की वैधता बरकरार
यदि आपने इकत्तीस अक्टूबर 2024 से पूर्व एक सौ बीस दिवस वाले नियम के अंतर्गत टिकट आरक्षित किया है, तो चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। आपका टिकट पूर्णतः मान्य है और आप निर्धारित तिथि पर यात्रा कर सकते हैं। नवीन नियम केवल पहली नवंबर 2024 के पश्चात की गई नई बुकिंग पर लागू होता है। इसके अतिरिक्त, कुछ विशेष छोटी दूरी की ट्रेनें और विदेशी पर्यटक कोटा पूर्ववत जारी रहेगा, जिसमें तीन सौ पैंसठ दिन पहले तक टिकट बुक किया जा सकता है।
परिवर्तनों का दीर्घकालिक प्रभाव
प्रथम दृष्टि में ये विनियम कठोर प्रतीत हो सकते हैं, किंतु दीर्घावधि में ये परिवर्तन यात्रियों के हित में ही हैं। इससे टिकट प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी, अवैध व्यापारियों पर नियंत्रण लगेगा और पुष्ट सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी। अब यात्रियों को मात्र इतना ध्यान रखना है कि वे साठ दिवस की बुकिंग अवधि को चूकें नहीं, क्योंकि एक छोटी सी भूल आपकी संपूर्ण यात्रा योजना को प्रभावित कर सकती है। इन नियमों का पालन करके यात्री अपनी यात्रा को सुगम और सुखद बना सकते हैं।









