पीएम किसान 22वीं किस्त किसानों के खातों में ₹2000 मिलना शुरू, ऐसे चेक करें अपना नाम PM Kisan 22nd Installment

By Shreya

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PM Kisan 22nd Installment – भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की अधिकांश जनसंख्या आज भी खेती-बाड़ी पर निर्भर है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती करना आर्थिक दृष्टि से हमेशा से एक चुनौती रहा है, क्योंकि फसल बोने से लेकर काटने तक हर कदम पर खर्च होता है। ऐसे में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना उनके लिए एक मजबूत सहारे का काम करती है। फरवरी 2026 में 22वीं किस्त के रूप में किसानों के बैंक खातों में ₹2000 की राशि भेजी जाने की खबर ने पूरे देश के किसान समुदाय में उत्साह और राहत की लहर दौड़ा दी है।

रबी के मौसम में जब खेत में गेहूं, सरसों और अन्य फसलें लहलहा रही होती हैं, उस समय किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। अक्सर छोटे किसानों के पास इतनी बचत नहीं होती कि वे इन सभी जरूरतों को एक साथ पूरा कर सकें। सरकार की इस सहायता राशि से उन्हें किसी साहूकार या महाजन के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इस प्रकार ₹2000 की यह किस्त भले ही छोटी लगे, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह किसान के जीवन में बड़ा फर्क डालती है।

योजना का परिचय और महत्व

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और तब से लेकर आज तक यह योजना करोड़ों किसान परिवारों की जिंदगी में बदलाव लाने का काम कर रही है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल तीन किस्तों में कुल ₹6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। हर चार महीने में ₹2000 की एक किस्त सीधे किसान के बैंक खाते में जमा होती है, जिससे उन्हें समय-समय पर खेती के लिए जरूरी पूंजी मिलती रहती है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है जिनके पास दो हेक्टेयर या उससे कम भूमि है।

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22वीं किस्त का वितरण कब और कैसे

ताजा जानकारी के अनुसार फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह से 22वीं किस्त का वितरण शुरू हो गया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी प्रणाली के जरिए यह राशि सीधे पात्र किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। इस व्यवस्था में किसी भी बिचौलिए या दलाल की कोई भूमिका नहीं होती, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद बनती है। जिन किसानों का बैंक खाता आधार से सही तरीके से जुड़ा हुआ है, उनके खातों में यह राशि बिना किसी देरी के पहुंच रही है।

किन किसानों को मिल रहा है सबसे पहले लाभ

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 22वीं किस्त का लाभ सबसे पहले उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी समय पर पूरी कर ली है। इसके अलावा जिन किसानों का भूमि सत्यापन कृषि विभाग द्वारा किया जा चुका है, वे भी प्राथमिकता सूची में शामिल हैं। आधार सीडिंग यानी बैंक खाते को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने वाले किसानों का पैसा सबसे तेजी से उनके खातों में पहुंच रहा है। जो किसान इन औपचारिकताओं को अभी तक पूरा नहीं कर पाए हैं, उन्हें जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लेना चाहिए।

कितने किसानों को मिलेगा इस बार लाभ

22वीं किस्त के तहत देशभर में लगभग 9.5 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन लाभार्थियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के करीब 35 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लगभग 13 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के करीब 8 प्रतिशत किसान शामिल हैं। इस बार महिला किसानों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है और कुल लाभार्थियों में उनकी भागीदारी लगभग 26 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।

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अपना स्टेटस कैसे जांचें

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी 22वीं किस्त जारी हुई या नहीं, तो इसके लिए आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। होमपेज पर दिए गए “Beneficiary Status” विकल्प पर क्लिक करके अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें। ओटीपी के माध्यम से सत्यापन पूरा करने के बाद आपके खाते की भुगतान स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी। यदि वहां “Payment Processed” लिखा हुआ दिख रहा है तो समझ लीजिए कि पैसा जल्द ही आपके खाते में आने वाला है।

लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें

नई लाभार्थी सूची में अपना नाम देखने के लिए पीएम किसान पोर्टल पर जाकर “Beneficiary List” वाले विकल्प को चुनना होगा। इसके बाद आपको अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का नाम चुनना होगा और सूची में अपना नाम खोजना होगा। यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क है और इसके लिए किसी साइबर कैफे या एजेंट पर पैसा खर्च करने की कोई जरूरत नहीं है। जन सेवा केंद्रों पर भी यह काम आसानी से करवाया जा सकता है जो ग्रामीण किसानों के लिए डिजिटल सहायता का एक प्रमुख स्थान बन गए हैं।

किस्त न आने पर क्या करें

यदि किस्त जारी होने के बाद भी आपके खाते में पैसा नहीं आया तो सबसे पहले पोर्टल पर अपना स्टेटस जांचें और समस्या की असली वजह समझने की कोशिश करें। अगर ई-केवाईसी अधूरी है तो इसे तुरंत पूरा करें, और यदि आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है तो अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर यह काम करवाएं। कभी-कभी बैंक खाता निष्क्रिय होने की वजह से भी राशि अटक जाती है, इसलिए खाते की सक्रियता सुनिश्चित करना जरूरी है। भूमि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी होने पर लेखपाल या तहसील कार्यालय से मिलकर समस्या का समाधान कराया जा सकता है।

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योजना का किसानों के जीवन पर असर

₹2000 की यह राशि भले ही सुनने में मामूली लगे, लेकिन एक छोटे किसान के लिए इसका महत्व बहुत गहरा है। इस पैसे से वह खाद और बीज खरीद सकता है, सिंचाई का खर्च उठा सकता है और कृषि से जुड़ी अन्य छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी कर सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह राशि नियमित रूप से मिलती है, जिससे किसान के मन में एक वित्तीय सुरक्षा का भाव पैदा होता है। इस मानसिक स्थिरता का असर खेती की उत्पादकता पर भी सकारात्मक पड़ता है।

अंत में यह कहना जरूरी है कि पीएम किसान योजना का पूरा लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। समय पर ई-केवाईसी करवाना, बैंक खाते को आधार से जोड़े रखना, मोबाइल नंबर सक्रिय रखना और भूमि रिकॉर्ड को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। इन छोटी-छोटी सावधानियों से किस्त मिलने में कोई बाधा नहीं आती और किसान बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ उठाता रहता है। सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।

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