RBI Holiday List – भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा हर वर्ष जारी की जाने वाली अवकाश सूची बैंकिंग ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होती है। वर्ष 2026 के दूसरे माह में कुल नौ दिवस ऐसे होंगे जब देशभर में अथवा विशिष्ट राज्यों में बैंकिंग शाखाएं अपनी सेवाएं प्रदान नहीं करेंगी। यह जानकारी उन लाखों नागरिकों के लिए आवश्यक है जो अपने दैनिक वित्तीय कार्यों के लिए बैंक शाखाओं पर निर्भर रहते हैं। समय से पहले इस कैलेंडर को समझना और अपने काम की योजना बनाना हर जिम्मेदार ग्राहक की प्राथमिकता होनी चाहिए।
फरवरी का महीना वैसे तो वर्ष का सबसे संक्षिप्त माह होता है, लेकिन इस दौरान भी विभिन्न सांस्कृतिक उत्सव और नियमित साप्ताहिक अवकाश बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित करते हैं। केंद्रीय बैंक की यह सूची राज्यों की विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाती है, जिसमें स्थानीय परंपराओं और त्योहारों को उचित सम्मान दिया जाता है। इसलिए कुछ अवकाश केवल निश्चित भौगोलिक क्षेत्रों में ही लागू होते हैं जबकि अन्य पूरे देश में मान्य होते हैं।
साप्ताहिक अवकाश की संरचना
फरवरी 2026 में सभी बैंक चार रविवार को पूर्णतः बंद रहेंगे। यह दिन महीने की पहली, आठवीं, पंद्रहवीं और बाईसवीं तारीख को आते हैं। रविवार का अवकाश भारतीय बैंकिंग परंपरा में सदियों से स्थापित है और यह कर्मचारियों को साप्ताहिक विश्राम प्रदान करता है। इन दिनों में कोई भी शाखा संचालित नहीं होती और काउंटर सेवाएं पूर्णतया निलंबित रहती हैं।
इसके अतिरिक्त, महीने में दो शनिवार भी बैंकिंग अवकाश के रूप में चिह्नित किए गए हैं। चौदह और अट्ठाईस फरवरी को दूसरे और चौथे शनिवार के तौर पर सभी बैंक कार्यालय बंद रहेंगे। यह व्यवस्था पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई थी ताकि बैंक कर्मियों को अधिक आराम मिल सके और उनकी उत्पादकता बढ़ाई जा सके। इस प्रकार कुल छह साप्ताहिक अवकाश इस माह में होंगे जो पूरे राष्ट्र में समान रूप से लागू रहेंगे।
क्षेत्रीय त्योहारों के अवसर पर विशेष अवकाश
अठारह फरवरी के दिन सिक्किम राज्य में तिब्बती नववर्ष यानी लोसार का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह हिमालयी प्रदेश की सबसे बड़ी सांस्कृतिक घटना है जिसे अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन राज्य की सभी बैंक शाखाएं पूर्णतः बंद रहेंगी और कोई भी लेनदेन संभव नहीं होगा। हालांकि यह अवकाश केवल सिक्किम तक सीमित है और देश के अन्य हिस्सों में बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
उन्नीस फरवरी को महाराष्ट्र राज्य में मराठा साम्राज्य के महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जाती है। यह दिन राज्य के लिए अत्यंत गौरवशाली है और पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित होता है। मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे प्रमुख शहरों में भव्य समारोह आयोजित होते हैं। इस दिन राज्य की समस्त बैंकिंग शाखाएं बंद रहेंगी, किंतु अन्य राज्यों में यह सामान्य कार्य दिवस होगा।
बीस फरवरी को पूर्वोत्तर भारत के दो राज्य – मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश – अपना राज्य स्थापना दिवस मनाएंगे। यह ऐतिहासिक दिन इन राज्यों को विशेष दर्जा प्राप्त होने की याद दिलाता है। इस अवसर पर दोनों राज्यों में सभी सरकारी कार्यालयों के साथ बैंक भी बंद रहेंगे। यहां के निवासियों को चाहिए कि वे अपने वित्तीय लेनदेन की योजना पहले से बना लें।
डिजिटल बैंकिंग की निरंतरता
यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि शाखाओं के बंद होने का अर्थ यह नहीं कि बैंकिंग सेवाएं पूर्णतः ठप हो जाएंगी। आधुनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग माध्यम चौबीसों घंटे सातों दिन उपलब्ध रहते हैं। यूपीआई, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन और एटीएम जैसी सुविधाएं इन अवकाश दिवसों में भी पूरी तरह कार्यशील रहेंगी। ग्राहक अपने खातों से धन निकासी, हस्तांतरण, बिल भुगतान और शेष जांच जैसे कार्य बिना किसी बाधा के कर सकते हैं।
हालांकि कुछ कार्य ऐसे हैं जिनके लिए भौतिक शाखा में जाना अनिवार्य होता है। चेक जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना, नया खाता खोलना, ऋण आवेदन की प्रक्रिया, निश्चित जमा योजना शुरू करना या बंद करना – ऐसे कार्यों के लिए शाखा खुले होने का इंतजार करना पड़ेगा। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां डिजिटल साक्षरता अभी विकसित हो रही है, वहां के लोगों को अधिक असुविधा हो सकती है।
विभिन्न वर्गों पर प्रभाव
कृषक समुदाय जो अपनी फसल बेचने के बाद नकद जमा करने या ऋण की किस्त चुकाने बैंक जाते हैं, उन्हें इन अवकाश दिनों का विशेष ध्यान रखना होगा। व्यापारी वर्ग जो दैनिक लेनदेन के लिए चेक जमा करते हैं या नकदी की आवश्यकता रखते हैं, उन्हें भी पूर्व योजना बनानी चाहिए। पेंशनभोगी जो शाखा से ही अपनी मासिक पेंशन निकालना पसंद करते हैं, उन्हें इस कैलेंडर को ध्यान से देखना होगा।
दूसरी ओर, बैंक कर्मचारियों के लिए यह अवकाश विश्राम और पारिवारिक समय का अवसर प्रदान करते हैं। लगातार ग्राहक सेवा में लगे रहने वाले इन कर्मियों को सांस्कृतिक उत्सवों में भाग लेने और अपनी ऊर्जा को पुनः संचित करने का मौका मिलता है। यह अंततः बेहतर सेवा की गुणवत्ता में परिलक्षित होता है। संस्थागत दृष्टि से भी यह कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने में सहायक है।
पूर्व तैयारी के सुझाव
बुद्धिमानी इसी में है कि अवकाश आने से पहले अपने सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएं। यदि किसी ऋण की किस्त देय है या कोई निश्चित जमा परिपक्व हो रही है, तो इसकी तिथि अवकाश से टकरा रही है या नहीं यह जांच लें। अपने बैंक खाते में पर्याप्त शेष राशि बनाए रखें ताकि स्वचालित बिल भुगतान प्रभावित न हों। एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड की दैनिक निकासी सीमा जान लें।
आवश्यक दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासबुक को अद्यतन रखें। यदि कोई महत्वपूर्ण लेनदेन करना है जिसमें शाखा जाना जरूरी है, तो उसे अवकाश से कम से कम दो-तीन दिन पहले निपटा लें। अपने बैंक की मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करें और इंटरनेट बैंकिंग सुविधा सक्रिय रखें। ग्राहक सेवा नंबर अपने पास सुरक्षित रखें ताकि आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर सकें।
राज्यवार विशिष्ट जानकारी का महत्व
चूंकि कुछ अवकाश क्षेत्रीय प्रकृति के होते हैं, इसलिए अपने राज्य की विशिष्ट सूची देखना अनिवार्य है। सिक्किम के निवासियों को लोसार के दिन कोई भी महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्य नहीं रखना चाहिए। महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को शिवाजी जयंती पर अपनी योजना बनानी होगी। मिजोरम और अरुणाचल के नागरिकों के लिए राज्य दिवस एक अवकाश है। शेष भारत में इन तीन दिनों को सामान्य कार्य दिवस माना जाएगा।
कुछ निजी बैंक अपनी आंतरिक नीतियों के अनुसार अतिरिक्त अवकाश भी घोषित कर सकते हैं। इसलिए सिर्फ आरबीआई की सूची पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने विशिष्ट बैंक की वेबसाइट या नोटिस बोर्ड भी देखें। कुछ शाखाएं स्थानीय परिस्थितियों के कारण अस्थायी रूप से बंद भी हो सकती हैं। संदेह होने पर अपनी शाखा को फोन करके पुष्टि कर लें।
फरवरी 2026 के महीने में बैंकिंग ग्राहकों को नौ दिनों की छुट्टियों का सामना करना पड़ेगा। इनमें चार रविवार और दो शनिवार के साप्ताहिक अवकाश शामिल हैं जो पूरे देश में लागू होंगे। इसके अतिरिक्त तीन राज्य-विशिष्ट त्योहार – सिक्किम में लोसार, महाराष्ट्र में शिवाजी जयंती, तथा मिजोरम और अरुणाचल में राज्य स्थापना दिवस – भी अवकाश के रूप में मनाए जाएंगे। भौतिक शाखाएं इन दिनों बंद रहेंगी परंतु डिजिटल सेवाएं पूर्णतः सक्रिय रहेंगी।
समझदार ग्राहक वही है जो पहले से योजना बनाता है और अवकाश कैलेंडर को ध्यान में रखकर अपने वित्तीय कार्य व्यवस्थित करता है। डिजिटल बैंकिंग को अपनाना आज की आवश्यकता है क्योंकि यह समय और श्रम दोनों बचाता है। अपने दस्तावेज अद्यतन रखें, महत्वपूर्ण तिथियों को चिह्नित करें और आवश्यकता पड़ने पर अपनी शाखा से संपर्क करने में संकोच न करें। इस प्रकार की जागरूकता से आपका वित्तीय जीवन सुगम और तनावमुक्त बना रहेगा।









