Cement Sariya Rate – भारत में निर्माण उद्योग तेजी से विकास कर रहा है और इस क्षेत्र में सीमेंट तथा सरिया दो सबसे महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री हैं। चाहे आप अपना घर बना रहे हों, कोई व्यावसायिक परियोजना शुरू कर रहे हों या फिर बड़े स्तर पर निर्माण कार्य में लगे हों, इन दोनों सामग्रियों की कीमतों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। जनवरी 2026 में बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव देखे गए हैं, जो सरकारी नीतियों, वैश्विक बाजार और मांग-आपूर्ति के संतुलन से प्रभावित हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि वर्तमान में विभिन्न ब्रांड और शहरों में सीमेंट और सरिया की कीमतें क्या हैं।
सीमेंट: निर्माण की आधारशिला
सीमेंट किसी भी निर्माण कार्य का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। इसके बिना न तो मजबूत दीवारें बन सकती हैं और न ही टिकाऊ नींव। वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में सीमेंट की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई थी, लेकिन जनवरी 2026 की शुरुआत में कई कंपनियों ने प्रति बोरी ₹10 से ₹40 तक की वृद्धि करने का प्रयास किया है। भारत भर में औसत मूल्य अब ₹334 से ₹358 प्रति 50 किलोग्राम की बोरी के बीच स्थिर है।
दक्षिण भारत में मांग में कमी के कारण कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि उत्तर भारत में प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कारण आपूर्ति में कुछ बाधाएं आई हैं। हालांकि, समग्र रूप से बाजार में स्थिरता का रुझान बना हुआ है। विभिन्न राज्यों में परिवहन लागत के कारण 5-10% की भिन्नता देखी जा सकती है, इसलिए स्थानीय डीलर से कीमतों की पुष्टि करना सदैव उचित रहता है।
प्रमुख सीमेंट ब्रांड और उनकी कीमतें
अल्ट्राटेक सीमेंट भारत का सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय ब्रांड है, जो उच्च गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹360 से ₹380, मुंबई में ₹350 से ₹370, चेन्नई में ₹330 से ₹350, बैंगलोर में ₹340 से ₹360 और कोलकाता में ₹355 से ₹375 प्रति बोरी है। ये दरें 50 किलोग्राम PPC या OPC ग्रेड की हैं और जीएसटी सहित हैं।
एसीसी सीमेंट उत्तर और पूर्वी भारत में मजबूत पकड़ रखता है और इसकी औसत कीमत ₹360 से ₹390 के बीच है। मुंबई में यह ₹370 और दिल्ली में ₹380 में उपलब्ध है। अंबुजा सीमेंट अपने टिकाऊ उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और ₹350 से ₹380 की सीमा में मिलता है, जबकि दक्षिण भारत में यह ₹340 से शुरू होता है। जेके सीमेंट उत्तर भारत में पसंदीदा ब्रांड है और ₹340 से ₹370 में मिलता है, खासकर राजस्थान और हरियाणा में ₹345 में आसानी से उपलब्ध है।
रामको सीमेंट दक्षिण भारत का विशेषज्ञ ब्रांड है और ₹330 से ₹360 की कीमत सीमा में आता है। चेन्नई में यह ₹335 में आसानी से मिल जाता है। यदि आप OPC 53 ग्रेड ले रहे हैं जो उच्च शक्ति प्रदान करता है, तो ₹20 से ₹30 अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। छोटी परियोजनाओं के लिए PPC सर्वोत्तम विकल्प है क्योंकि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है।
TMT सरिया: संरचना की मजबूती
TMT बार यानी थर्मो-मैकेनिकली ट्रीटेड स्टील की छड़ें कंक्रीट को तनाव से बचाने का काम करती हैं और किसी भी निर्माण की मजबूती सुनिश्चित करती हैं। जनवरी 2026 में वैश्विक स्टील बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण इनकी कीमतें ₹42 से ₹50 प्रति किलोग्राम के बीच हैं। छोटे व्यास (8-10mm) की छड़ें थोड़ी महंगी होती हैं जबकि बड़े व्यास (16-20mm) की तुलनात्मक रूप से सस्ती होती हैं। औसत मूल्य लगभग ₹45 प्रति किलोग्राम है।
विभिन्न व्यास और शहरों में कीमतों में भिन्नता देखी जाती है। 8mm व्यास की छड़ें दिल्ली में SAIL ब्रांड की ₹49.5, मुंबई में टाटा टिस्कॉन की ₹48-50, और चेन्नई में JSW की ₹47 प्रति किलोग्राम है। 10mm की छड़ें क्रमशः ₹47.5, ₹46-48 और ₹45.5 में मिलती हैं। 12mm व्यास के लिए ये दरें ₹46.5, ₹45-47 और ₹44 हैं। बड़े व्यास जैसे 16mm के लिए ₹46.5, ₹44-46 और ₹43.5, तथा 20mm के लिए ₹45, ₹43-45 और ₹42 प्रति किलोग्राम है।
शहरवार सरिया की कीमतें
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उच्च मांग के कारण कीमतें ₹46 से ₹49 प्रति किलोग्राम हैं और प्रदूषण नियंत्रण से आपूर्ति में कुछ समस्याएं हैं। मुंबई में बंदरगाह शहर होने के कारण आयातित स्टील सस्ता मिलता है और कीमतें ₹44 से ₹48 प्रति किलोग्राम हैं। चेन्नई में दक्षिण भारत में सबसे कम दरें ₹42 से ₹46 प्रति किलोग्राम हैं, जो स्थानीय मिलों की उपलब्धता के कारण है।
हैदराबाद और बैंगलोर में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण स्थिर मांग के साथ कीमतें ₹44 से ₹47 प्रति किलोग्राम हैं। कोलकाता में पूर्वी क्षेत्र की उच्च मांग के कारण ₹45 से ₹48 प्रति किलोग्राम की दरें हैं। जिंदल पैंथर या राठी जैसे अन्य ब्रांड भी ₹1-2 प्रति किलोग्राम के अंतर के साथ बाजार में उपलब्ध हैं। यदि आप एक टन (1000 किलोग्राम) खरीदते हैं तो ₹500 से ₹1000 तक की छूट मिल सकती है।
मूल्य निर्धारण को प्रभावित करने वाले कारक
सीमेंट और सरिया की कीमतें स्थिर नहीं रहतीं और कई कारकों से प्रभावित होती हैं। कच्चे माल की लागत जैसे कोयला, पेट्रोलियम कोक और लौह अयस्क की कीमतें सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं। 2026 में वैश्विक तनाव के कारण स्टील आयात महंगा हो गया है। मांग और आपूर्ति का संतुलन भी प्रमुख भूमिका निभाता है – सर्दियों में उत्तर भारत में निर्माण कार्य कम होते हैं जबकि दक्षिण में त्योहारों के बाद वृद्धि होती है।
सरकार के ₹10 लाख करोड़ के बुनियादी ढांचा बजट से मांग उच्च बनी हुई है। परिवहन और कर भी 10-15% अतिरिक्त लागत जोड़ते हैं, हालांकि जीएसटी 18% है। वैश्विक कारक जैसे चीन से सस्ते आयात दबाव डालते हैं, लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ पहल से स्थानीय उद्योग को संरक्षण मिलता है। मौसमी बदलाव भी महत्वपूर्ण हैं – अप्रैल से जून में चरम मांग के दौरान कीमतें 5-10% बढ़ सकती हैं।
बुद्धिमानी से खरीदारी के सुझाव
निर्माण सामग्री खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। थोक में खरीदारी करने पर 50 से अधिक बोरे या 5 टन से अधिक पर 5-8% की छूट मिल सकती है। स्थानीय डीलर और निर्माता दोनों के भाव की तुलना अवश्य करें। BIS प्रमाणीकरण की जांच करना आवश्यक है – TMT पर ISI चिह्न और सीमेंट पर ग्रेड लेबल देखें ताकि नकली उत्पादों से बचा जा सके।
ऑनलाइन उपकरणों का उपयोग करें जैसे IndiaMART या SteelonClick एप्लिकेशन से वर्तमान दरों को ट्रैक करें। भंडारण के लिए सरिया को सूखी जगह पर रखें ताकि जंग न लगे और सीमेंट का उपयोग 3 महीने के भीतर करें। बजट की गणना के लिए समझें कि 1000 वर्ग फुट के घर के लिए लगभग 400-500 बोरी सीमेंट और 2-3 टन सरिया की आवश्यकता होती है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1.5 से 2 लाख केवल इन सामग्रियों पर होगी।
वर्ष 2026 सीमेंट और स्टील क्षेत्र के लिए परिवर्तन का वर्ष है। उत्पादन क्षमता बढ़ रही है और अल्ट्राटेक जैसे अग्रणी ब्रांड 150 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंचने का लक्ष्य रख रहे हैं। हालांकि, मूल्य निर्धारण में चुनौतियां बनी रहेंगी। चुनाव और त्योहारों जैसी घटनाओं के बाद मांग में वृद्धि की उम्मीद है। दीर्घकालिक दृष्टि से, बुनियादी ढांचे के विकास से 7-8% वार्षिक वृद्धि की संभावना है।
समापन
सीमेंट और सरिया की कीमतें केवल संख्याएं नहीं हैं, बल्कि आपके सपनों के घर की नींव हैं। वर्तमान दरें – सीमेंट ₹330-390 और सरिया ₹42-50 प्रति किलोग्राम – को ट्रैक करना महत्वपूर्ण है, लेकिन गुणवत्ता पर समझौता नहीं करना चाहिए। हमेशा 2-3 विक्रेताओं से भाव लें और प्रमाणित उत्पाद ही खरीदें। यदि कोई संदेह हो तो स्थानीय विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य लें। सही योजना और जानकारी के साथ आप अपने निर्माण बजट को नियंत्रित कर सकते हैं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कर सकते हैं।









